यदि हमें देश के स्वास्थ्य को ठीक करना है तो हमें Cure Medical Care से Preventive Medical Care की ओर जाना होगा।
आपको शायद यह जानकर हैरानी होगी कि यूरोप में जब Professional Medical Care की शुरूआत हुई तो उस समय पर डाक्टरों का काम मरीज़ों का ईलाज करना नहीं बल्कि लोगों को बीमार होने से बचाना होता था।
इस काम के लिए डाक्टरों को हर महीने हर परिवार से कुछ fees मिलती थी और डाक्टरों का काम होता था कि उस परिवार के सदस्यों के खान-पान से लेकर स्वास्थ्य संबंधी सभी चीजों के बारे में जरूरी सलाह देना कि उनकी उम्र और काम काज के हिसाब से उन्हें किस प्रकार का खाना खाना चाहिए, कितनी देर और किस तरह का व्यायाम करना चाहिए और डाक्टर अपने सहयोगियों की मदद से यह भी पता लगाते थे कि वह परिवार उनके बताए अनुसार कार्य कर रहा है या नहीं।
यदि कोई परिवार या परिवार का कोई सदस्य Family Doctor के अनुसार काम नहीं कर रहा होता था तो Dr. उस परिवार से अपना करार तोड़ सकता था।
असल में Family Doctor का Concept शुरू ही यहाँ से हुआ था, अब यदि कोई परिवार डाक्टर के बताए अनुसार पूरी तरह काम कर रहा होता था और फिर भी परिवार का कोई सदस्य बीमार हो जाता था तो करार के अनुसार उस डाक्टर पर जुर्माना लगता था कि आपकी सलाह मानने के बाद भी व्यक्ति बीमार कैसे हो गया।
इस concept को Preventive Medical Care कहा जाता है, जिसमें डाक्टरों को बीमारी के बाद उसका ईलाज करने के नहीं बल्कि कोई बीमार न पड़े उसके लिए पैसे मिलते थे और फिर भी कोई बीमार पड़े तो उसके लिए डाक्टरों पर जुर्माना लगता था।
अब यदि डाक्टरों को लोगों को बीमारी न होने पर पैसा मिलेगा और किसी के बीमार होने पर जुर्माना तो डाक्टर कभी नहीं चाहेगा कि कोई बीमार पड़े, डाक्टर कभी नहीं चाहेगा कि किसी का operation हो, सर्जरी हो।
आज क्योंकि डाक्टरों को पैसा ही तब मिलता है जब हम बीमार पड़ते हैं, तो डाक्टरों का भी एक टार्गेट बन गया है कि लोग बीमार पड़ने ही चाहिेए और कई डाक्टर तो कसाई बन गए हैं, उनका तो काम ही केवल पैसा कमाना रह गया है, एक बार आप उनके पास गए और बस फिर आप उसके ही होकर रह जाते हैं। कई लोग बताते हैं कि जब से मैं अपने डाक्टर से मिला हूँ, तब से ही लगातार मेरी दवाई चल रही है।
वैसे डाक्टर भी क्या करें, पूरा System ही ऐसा बन गया है, कई डाक्टर तो बताते हैं कि यह समय हमारी कमाई का सीजन होता है, आज डाक्टर चाहते हैं कि लोग अधिक से अधिक बीमार हो, पर यदि हम preventive Health System पर काम करेंगे तो इससे न केवल लोगों को लाभ होगा बल्कि डाक्टरों को भी अधिक लाभ होगा।
कानून इस तरह का बनाया जाएगा कि कोई भी डाक्टर के पास तभी जा सकता है जब वह स्वस्थ है, बीमार होने वाला व्यक्ति डाक्टर के पास नहीं जाएगा बल्कि डाक्टर उसके पास आकर ईलाज करेगा, अस्पताल में बीमारों की Entry को बंद किया जाए और जिस डाक्टर के करार में 10% से अधिक परिवार या लोग बीमार हों उसका लाइसेंस रद किया जाए। -अमित चौधरी


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