एक मेले में एक बूढ़ा आदमी गुब्बारे यानि बैलून बेच रहा था। लाल, हरे, पीले, गुलाबी हर रंग के गुब्बारे। जब भी उसके गुब्बारे की बिक्री कम होने लगती वो एक गुब्बारा हवा में इस तरह से छोड़ देता कि गुब्बारा बहुत दूर तक आसमान में उड़ते हुए जाता। उड़ रहे गुब्बारों को देख बच्चे मचल उठते और फिर से गुब्बारे वाले की बिक्री बढ़ जाती। फिर जैसे ही उसकी बिक्री कम होने लगती वो फिर एक गुब्बारा हवा में छोड़ देता।
Mind trainer Amit Choudhary
Tuesday, September 15, 2020
हम और हमारा मन: अमित चौधरी
चलें Cure Medical Care से Preventive Medical Care की ओर: अमित चौधरी
यदि हमें देश के स्वास्थ्य को ठीक करना है तो हमें Cure Medical Care से Preventive Medical Care की ओर जाना होगा।
आपको शायद यह जानकर हैरानी होगी कि यूरोप में जब Professional Medical Care की शुरूआत हुई तो उस समय पर डाक्टरों का काम मरीज़ों का ईलाज करना नहीं बल्कि लोगों को बीमार होने से बचाना होता था।
जुड़िये माइंड ट्रेनर अमित चौधरी से
आपकी ज़िंदगी सिर्फ़ एक ही इंसान बदल सकता है- और वो खुद 'आप ' हैं। बस ज़रूरत है अपने आप को पहचानने की, अपने आप को निखारने की और अपने माइंडसेट को बदलने की। ऐसे में अगर आपको सही गाइडेंस मिल जाये तो राहें आसान हो जाती हैं। असीम संभावनाओं और विराट सपनों के द्वार खुल जाते हैं।
अपने माइंड को ट्रेंड कर आप जीवन में सब कुछ पा सकते हैं: अमित चौधरी
आदमी एक तीन मंज़िला मकान है। उसका दुर्भाग्य है कि वो अपनी पूरी ज़िंदगी छत पर टहलते हुए ही गुज़ार देता है। आपको भीतर आना होगा। आपको अलग-अलग कमरे में जाकर देखना होगा कि वहां क्या क्या खज़ाना रखा है? ठीक ऐसे ही हमारा मन है। ऊपर ऊपर जो दिखता है वो पानी के बुलबुले सा मिट जाता है। इसे हम चेतन मन कहते हैं। कि किसी ने दरवाज़े की घन्टी बजाई और आपने उठकर दरवाजा खोल दिया। लेकिन, जब आप अपने भीतर उतरते हैं, अपने अवचेतन मन को टटोलते हैं तो आप पाते हैं कि वहां एक खज़ाना पड़ा है। जो आपके व्यक्तित्व को गढ़ता है, आपको निखारता है और आपको जीने का एक अलग अंदाज़ देता है। इसलिए यह बहुत ज़रूरी है कि हम अवचेतन मन को गहराई से समझें। उसमें विचारों के ऐसे बीज बोयें जिनसे खुशियों की एक उन्नत फसल पनप सके। याद रखिये, चुनाव आपका है। या तो आप छत पर टहलते हुए ज़िंदगी गुज़ार दें या फिर भीतर कमरे में जाकर उसे सजा लें। अपने माइंड को ट्रेंड कर आप जीवन में वो सब पा सकते हैं, जो इस दुनिया में मौजूद है।
Thursday, August 6, 2020
हम और हमारा मन: अमित चौधरी
एक मेले में एक बूढ़ा आदमी गुब्बारे यानि बैलून बेच रहा था। लाल, हरे, पीले, गुलाबी हर रंग के गुब्बारे। जब भी उसके गुब्बारे की बिक्री कम होने लग...






